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संस्कार

नामकरण संस्कार

नक्षत्रों के आशीर्वाद से चुने गए नाम से अपने लाडले का स्वागत करें।

Lord Ganesha को अर्पित

इस पूजा के बारे में

नवजात शिशु का नामकरण संस्कार, जो सामान्यतः जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन अथवा उसके बाद किसी शुभ दिन किया जाता है। पंडित जी गणेश पूजन और छोटा हवन कराते हैं, शिशु के जन्म-नक्षत्र से नाम का प्रथम अक्षर निकालते हैं, और फिर शिशु के कान में उसका नाम धीरे से कहा जाता है।

यह पूजा क्यों की जाती है

नाम जीवनभर व्यक्ति की पहचान बनता है। नामकरण संस्कार में देवताओं और पितरों से शिशु की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और उत्तम चरित्र का आशीर्वाद माँगा जाता है, और परिवार व समाज में उसका विधिवत स्वागत होता है।

सामग्री

अनुष्ठान में लगने वाली पूजन सामग्री। अंतिम सूची पंडित जी स्वयं बताएँगे।

  • Roli
  • Moli (kalava)
  • Akshat
  • Kalash
  • Ganga jal
  • Honey
  • Ghee
  • Havan samagri
  • Mango wood
  • Supari
  • Paan leaves
  • Fresh flowers
  • New clothes for the baby