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संस्कार
विवाह संस्कार
अग्नि देव की साक्षी में दो आत्माओं का पवित्र मिलन।
Lord Ganesha & Agni Dev को अर्पित
इस पूजा के बारे में
संपूर्ण वैदिक विवाह विधि — गणेश पूजन, कन्यादान, पाणिग्रहण, पवित्र अग्नि के चारों ओर मंगल फेरे, सप्तपदी और सिंदूर दान। पंडित जी दोनों परिवारों को हर वचन का अर्थ समझाते हुए विधि संपन्न कराते हैं।
यह पूजा क्यों की जाती है
सोलह संस्कारों में विवाह सबसे महत्वपूर्ण है, जिससे गृहस्थ आश्रम का आरंभ होता है। सप्तपदी के सात कदम पोषण, बल, समृद्धि, सुख, संतान, साहचर्य और आजीवन मित्रता के वचन हैं, जिनके साक्षी स्वयं अग्नि देव होते हैं।
सामग्री
अनुष्ठान में लगने वाली पूजन सामग्री। अंतिम सूची पंडित जी स्वयं बताएँगे।
- Havan kund
- Mango wood
- Ghee
- Havan samagri
- Roli
- Moli (kalava)
- Akshat
- Sindoor
- Mangalsutra
- Puffed rice (laja)
- Coconut
- Supari
- Paan leaves
- Fresh flowers & garlands