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त्योहार
लक्ष्मी पूजा (दीपावली)
दीपावली की रात विधि-विधान से माँ लक्ष्मी का स्वागत करें।
Maa Lakshmi & Lord Ganesha को अर्पित
इस पूजा के बारे में
दीपावली की संध्या प्रदोष काल के मुहूर्त में माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा। इसमें गणेश-लक्ष्मी स्थापना, कुबेर पूजन, बही-खाता पूजन, दीप प्रज्वलन और आरती शामिल हैं।
यह पूजा क्यों की जाती है
मान्यता है कि कार्तिक अमावस्या की रात माँ लक्ष्मी स्वच्छ और दीपों से जगमगाते घरों में पधारती हैं। यह पूजा आने वाले वर्ष के लिए धन, बुद्धि और कल्याण का आह्वान करती है; पहले गणेश जी की पूजा इसलिए होती है ताकि समृद्धि के साथ सद्बुद्धि भी आए।
सामग्री
अनुष्ठान में लगने वाली पूजन सामग्री। अंतिम सूची पंडित जी स्वयं बताएँगे।
- Lakshmi-Ganesh idols
- Kheel & batashe
- Lotus flowers
- Kamal gatta
- Silver coin
- Red cloth
- Roli
- Moli (kalava)
- Akshat
- Ghee & diyas
- Camphor
- Supari
- Paan leaves
- Sweets (mithai)